एग फ्रीज़िंग के बारे में सोचते समय अक्सर सवाल होता है: “अभी बच्चा नहीं चाहिए, लेकिन बाद में देर तो नहीं हो जाएगी?” पढ़ाई, करियर, सही साथी का इंतज़ार या स्वास्थ्य की समस्या—गर्भधारण टालने की वजह हर व्यक्ति की अलग होती है। घर में शादी और बच्चों की बात बार-बार उठे, तो अपनी इच्छा और परिवार की उम्मीदों के बीच निर्णय लेना और मुश्किल लग सकता है।
मैं डॉ. मुनव्वर सना, Apollo Fertility, बंजारा हिल्स, हैदराबाद में फर्टिलिटी और मेनोपॉज़ विशेषज्ञ हूँ। मेरी सलाह है: एग फ्रीज़िंग को न डर के कारण चुनें, न भविष्य की पक्की सुरक्षा समझें। इसे अपनी उम्र, सेहत और योजनाओं के आधार पर समझकर लिया गया मेडिकल निर्णय बनाएं।
एग फ्रीज़िंग क्या है और सही उम्र कैसे तय करें?
एग फ्रीज़िंग में अंडाशय से अंडाणु निकालकर बहुत कम तापमान पर सुरक्षित रखे जाते हैं। इन्हें निकालते समय शुक्राणु से नहीं मिलाया जाता, इसलिए यह एम्ब्रियो फ्रीज़िंग से अलग है। भविष्य में इस्तेमाल करते समय अंडाणुओं को पिघलाकर, यानी thaw करके, शुक्राणु से निषेचित किया जाता है। बने हुए एम्ब्रियो को IVF की प्रक्रिया से गर्भाशय में रखा जा सकता है।
सामान्य तौर पर कम उम्र में फ्रीज़ किए गए अंडाणुओं की गुणवत्ता बेहतर होती है। उम्र के साथ अंडाणुओं की संख्या और गुणवत्ता दोनों घटती हैं; 35 के बाद यह चर्चा और अहम हो जाती है। लेकिन कोई एक जन्मदिन ऐसा नहीं है जिसके बाद सभी के लिए दरवाज़ा बंद हो जाए। देर के बीसवें और शुरुआती तीसवें दशक में जानकारी लेना उपयोगी हो सकता है, खासकर जब गर्भधारण कई साल टालने की योजना हो।
अंडाणु फ्रीज़ होने पर उनकी उस समय की उम्र का लाभ बना रहता है, लेकिन शरीर की उम्र बढ़ना नहीं रुकता। बाद में गर्भावस्था के दौरान ब्लड प्रेशर, डायबिटीज़ और अन्य जोखिमों का मूल्यांकन ज़रूरी होगा। कैंसर के कुछ इलाज से पहले, या अंडाशय की सर्जरी की योजना होने पर, फर्टिलिटी सुरक्षित रखने की सलाह जल्दी लेनी चाहिए। ज़रूरी इलाज को खुद से टालना ठीक नहीं है।
जांच से अंडाणु फ्रीज़ होने तक क्या होता है?
पहली मुलाकात में मैं पीरियड्स, पुरानी बीमारियों, दवाओं, सर्जरी और भविष्य की योजनाओं पर बात करती हूँ। AMH खून की जांच और अल्ट्रासाउंड पर छोटे फॉलिकल गिनने से अंडाशय के संभावित रिस्पॉन्स का अंदाज़ मिलता है। फॉलिकल अंडाणु रखने वाली छोटी थैली है। ये जांचें अंडाणुओं की गुणवत्ता या प्राकृतिक गर्भधारण की निश्चित संभावना नहीं बतातीं। ज़रूरत के अनुसार दूसरी जांचें भी की जाती हैं।
इसके बाद हार्मोन इंजेक्शन दिए जाते हैं, ताकि एक चक्र में कई फॉलिकल बढ़ सकें। यह चरण अक्सर लगभग दस से चौदह दिन चलता है, लेकिन हर व्यक्ति की योजना अलग होती है। बीच-बीच में अल्ट्रासाउंड और कभी खून की जांच से निगरानी होती है। ऑफिस या घर की ज़िम्मेदारियों के साथ इन मुलाकातों की व्यवस्था पहले कर लेना मददगार रहता है।
फॉलिकल तैयार होने पर अंतिम इंजेक्शन दिया जाता है और तय समय पर अंडाणु निकाले जाते हैं। आमतौर पर अल्ट्रासाउंड की मदद से योनि के रास्ते यह प्रक्रिया होती है, पेट पर बड़ा चीरा नहीं लगता। दर्द कम रखने के लिए sedation या एनेस्थीसिया दिया जाता है। अक्सर उसी दिन घर जा सकते हैं; साथ किसी भरोसेमंद व्यक्ति को लाना और आराम की व्यवस्था रखना अच्छा है।
लैब में उपयुक्त परिपक्व अंडाणुओं को vitrification, यानी तेज़ी से ठंडा करने की तकनीक से फ्रीज़ किया जाता है। हर फॉलिकल से अंडाणु नहीं मिलता और हर निकला अंडाणु फ्रीज़ करने योग्य नहीं होता। हल्का दर्द, पेट फूलना या spotting हो सकती है। बहुत तेज़ दर्द, सांस फूलना, लगातार उल्टी, बुखार या ज़्यादा रक्तस्राव हो तो तुरंत क्लिनिक से संपर्क करें। दुर्लभ जोखिमों में रक्तस्राव, संक्रमण और ovarian hyperstimulation शामिल हैं।
तैयारी, खर्च और मेरी 360° देखभाल
मैं अपनी 360° देखभाल में वैज्ञानिक प्रमाणों पर आधारित इलाज के साथ पोषण, योग और जीवनशैली को जोड़ती हूँ। संतुलित घर का खाना, पर्याप्त प्रोटीन, नींद और नियमित गतिविधि उपयोगी हैं। धूम्रपान से बचें और शराब के बारे में स्पष्ट सलाह लें। कोई खास लड्डू, काढ़ा या महंगा सप्लीमेंट अंडाणुओं की गुणवत्ता सुधारने की गारंटी नहीं देता। दवाएं या हर्बल चीज़ें शुरू करने से पहले बताएं।
हल्का योग और सांस के अभ्यास तनाव संभालने में मदद कर सकते हैं, लेकिन इंजेक्शन के दौरान अंडाशय बड़े हो सकते हैं। इसलिए उछलना, तीखे मोड़ वाले आसन और भारी व्यायाम रोकने की सलाह मिल सकती है। रोज़ा, उपवास या धार्मिक मान्यताएं महत्वपूर्ण हों तो मुझसे साझा करें, ताकि जांच, दवा और एनेस्थीसिया की तैयारी सुरक्षित ढंग से की जा सके।
खर्च दवाओं की ज़रूरत, जांचों, अंडाणु निकालने की प्रक्रिया, एनेस्थीसिया, लैब और स्टोरेज की अवधि पर निर्भर करता है। कभी एक से अधिक चक्रों पर विचार करना पड़ता है। भविष्य में thawing और IVF का खर्च अलग हो सकता है। मैं परामर्श के बाद व्यक्तिगत अनुमान देती हूँ। लिखित विवरण में पूछें कि क्या शामिल है, स्टोरेज नवीनीकरण कैसे होगा और भविष्य में इस्तेमाल के लिए कौन-से नियम लागू होंगे।
मिथक बनाम सच
मिथक: “अंडाणु फ्रीज़ करा लिए तो बच्चा होना तय है।” सच: यह एक संभावना सुरक्षित करता है, वादा नहीं। सभी अंडाणु thawing के बाद जीवित नहीं रहते, सभी निषेचित नहीं होते और हर एम्ब्रियो से गर्भावस्था नहीं बनती। उम्र, परिपक्व अंडाणुओं की संख्या, लैब और बाद की स्वास्थ्य स्थिति मायने रखते हैं।
मिथक: “AMH अच्छा है तो इंतज़ार करना सुरक्षित है।” सच: AMH मुख्यतः अंडाणुओं के भंडार और दवाओं के संभावित रिस्पॉन्स का संकेत देता है, गुणवत्ता का प्रमाण नहीं। कम AMH का मतलब भी यह नहीं कि गर्भधारण असंभव है। PCOS में AMH अधिक हो सकता है, लेकिन दवाओं की सावधानीपूर्वक योजना ज़रूरी रहती है।
मिथक: “परिवार कह रहा है, इसलिए करा लेना चाहिए।” सच: आपकी सूचित सहमति सबसे महत्वपूर्ण है। साथी, माता-पिता या सास-ससुर को आप चाहें तो बातचीत में शामिल करें। यह उनकी अनुमति पाने की प्रक्रिया नहीं है। शादीशुदा या अविवाहित होने को लेकर झिझक हो, तो निजी परामर्श में खुलकर सवाल पूछें।
मुख्य बातें: अपना अगला कदम सोच-समझकर चुनें
उम्र महत्वपूर्ण है, लेकिन फैसला केवल उम्र या AMH रिपोर्ट से नहीं होता। अपनी समय-योजना, स्वास्थ्य, खर्च और अनिश्चित परिणाम स्वीकार करने की तैयारी साथ में देखें। एक ही चक्र में कोई तय संख्या पाने का दबाव न लें। पूछें: मेरे लिए संभावित लाभ क्या है, सीमाएं क्या हैं और अभी न कराने पर दूसरे विकल्प क्या रहेंगे?
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References & clinical guidelines
- Indian Council of Medical Research — National ART Guidelines and the ART (Regulation) Act, 2021
- ESHRE — European Society of Human Reproduction and Embryology, clinical practice guidelines
- NICE CG156 — Fertility problems: assessment and treatment
- Royal College of Obstetricians and Gynaecologists — patient information and guidelines



